आधे से ज्यादा रिश्ते आस्तीन के सांप होते हैं
इस भ्रम में ना रहे कि सब रिश्ते खास होते हैं
आधे से ज्यादा रिश्ते आस्तीन के सांप होते हैं।
सामने से तो वो यूं ही मीठे बने रहते हैं
पीने में शहद जैसा मगर जूड़ीताप होते हैं।
चुगलखोरी को अपनी खुराक बनाते हैं
बाद में बदनाम वो अपने आप होते हैं।
हर पल साथ रहने का दिखावा करके
मौका मिलते ही गर्दन की नाप होते हैं
उलझाए रहते हैं बेवजह के कामों में
वो तो बिल्कुल शैतान की आंत होते हैं
इज्जत आबरू से क्या लेना- देना उन्हें
वो बड़े वाहियात और बदजात होते हैं।
नूर फातिमा खातून “नूरी”
जिला -कुशीनगर