नसीहत गांठ बांध कर रखना
नसीहत गांठ बांध कर रखना
जाते हो परदेश पुत्र,गांठ बांध नसीहत रखना
निंदित कर्मों को छोड़ , काम चाहे जो करना
पर स्त्री मां बहन जानना, कुदृष्टि कभी न रखना
परधन धूल समान समझना, छल कपट चोरी न करना
जग निंदित ये महापाप हैं, हे पुत्र सदा ही बचना
अपनी मेहनत और लगन से, जो भी काम करोगे
देश और परदेश में बेटा, अपना नाम करोगे
जाओ पुत्र विजयी हो जग में, यह सारी धरा तुम्हारी है
नहीं कभी संकट आएगा, यह शुभ आशीष हमारी है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी