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स्वयं प्रकाश पाण्डेय "स्वयं"
109 posts · 2,931 words
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16 Jul 2025 · 1 min read
तुम उतना ही हो जितना क़बूल करते हो बाक़ी तुम्हारी पहचान दुनिया
तुम उतना ही हो जितना क़बूल करते हो बाक़ी तुम्हारी पहचान दुनिया की नज़र का धोखा हैं..
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