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15 Jul 2025 · 1 min read

इक औरत जब मुस्कुराती है ना, ना जाने कितने जख्म और दर्द उसके

इक औरत जब मुस्कुराती है ना, ना जाने कितने जख्म और दर्द उसके सीने में दफन होते हैं, फिर भी लोग कितनी आसानी से कह देते हैं, ना जाने किस बात की इतनी खुशी है इसे जो इतनी खुश है !

स्वरचित,
स्त्री शक्ति लेखनी 🙏🙏

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