Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
15 Jul 2025 · 1 min read

मुस्कुरा कर गम उठाया जा रहा है

2122. 2122 2122
जैसे -तैसे पल बिताया जा रहा है
मुस्कुरा कर गम उठाया जा रहा है ।

रखते हैं मन साफ चालाकी क्या जाने
मीठा-मीठा विष पिलाया जा रहा है।

जो कभी हमराज थे अपने मित्रों में
उन्हीं से उंगली उठाया जा रहा है।

सच से पर्दा उठने ना पाए कभी भी
सच्चे को झूठा बनाया जा रहा है।

खाकर नस्लें बेईमानी सीख लेंगी
कैसा ये रोटी कमाया जा रहा है।

मेरे नाकामी को अनुभव कराकर
सब्र मेरा आजमाया जा रहा है।

अपनों को छोड़ा है तन्हा उसने “नूरी”
गैर को गले से लगाया जा रहा है।

नूर फातिमा खातून “नूरी ”
जिला -कुशीनगर

Loading...