*"तेरे संग"*
संध्या की ओस में सजी है बेला,
गगन में दीप जला हो अलबेला।
सितारे भी आज गुनगुना रहे हैं,
तुम्हारे जन्म दिवस की बेला सजा रहे हैं।
प्रिये, ये पल मधुर स्मृतियों से है भरे,
तेरे संग बिताए, जैसे स्वप्न सुनहरे।
कल जब सूरज किरणें बरसाएगा,
जन्मदिवस तुम्हारा नई खुशियाँ लाएगा।
आज की रात है सजी प्रेम की डोरी,
संध्या की चुप्पी में तेरी ही है बोली।
मन के उपवन में खिले भाव नित-नए,
तेरे नाम से ही सजे मेरे जीवन के गीत अनकहे।
तेरी हँसी से रोशन है जीवन मेरा,
तेरे साथ ही पूरा हुआ है मेरा सवेरा।
तू ही मधुर स्वर, तू ही छंद मेरा,
तेरे बिना सब लगता है मुझको अधूरा।
जन्मदिवस से तुम्हार पहले, ये प्रण मैं लूँ,
हर दुख की छाया से तुझे मै दूर करूँ।
तेरी हर मुस्कान का प्रहरी बन जाऊँ,
तेरे संग हर जनम को, हर साँस के साथ निभाऊँ।
🌸