*क्यूआर कोड-जैसी, हाथों की छाप पाई (हिंदी गजल)*
क्यूआर कोड-जैसी, हाथों की छाप पाई (हिंदी गजल)
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1)
क्यूआर कोड-जैसी, हाथों की छाप पाई
जो जानते हैं विद्या, उनको समझ में आई
2)
सब जन्म के समय ही, ईश्वर ने लिख दिया है
अद्भुत रहस्य वाली, हाथों की है लिखाई
3)
सबसे अधिक सुशिक्षित, है हाथ का ॲंगूठा
इसकी लकीरें टेढ़ी, सबसे कठिन छपाई
4)
कर्ता नहीं है मानव, कठपुतलियों-सा चलता
असली है काम केवल, बस डोर की हिलाई
5)
कपड़े फिटिंग वाले, नखरों से सब पहनते
पर अंत में जो पहने, उसमें कहॉं सिलाई
6)
जब भी मिलो किसी से, यह बात याद रखना
सब की हुई है सबसे, आखिर में बस जुदाई
7)
सब जन्म से मरण तक, तिथिवार हर कहानी
ज्योतिष जो जानता था, उसने सभी बताई
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रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451