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15 Jul 2025 · 1 min read

मां का अहसास

नन्हा पांव लिए आंगन में जब चलते थे
तूने हाथ थामा फिर हम गिरने से बचते थे
मेरी हरकतों से तू बहुत परेशान थी
लेकिन मेरी हर खुशी तू हकदार थी

घर के हजार कामों में तू उलझी थी
फिर सब कैसे कर लेती थी
कहा से इतनी ताकत लाती हो
पूरे घर को संजो के रखती हो

एक दिन नहीं चलता तेरे बिना
कैसे संभालती हो ये जहां
कैसे कर लेती हो इतना कुछ
बिना किए शिकायत कुछ

मां तेरी याद आती हैं
लेकिन तुझे कुछ बता नहीं पाते हैं
तुम भी तो सारी परेशानियां छुपाती हो
क्या तकलीफ है कभी नहीं बताती हो

वादा तुमसे करते हैं
सब कुछ बदल के रख देंगे
तेरे कदमों में एक दिन
दुनिया की खुशी रख देंगे

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