"सावन का महिना आया"
सावन का महिना आया जपो शिव शंभू का नाम।
सारे कष्ट मिटा देंगे पल में कर देंगें जीवन का उद्धार।।
मन के बहुत दयालु भोले मन से करे जो उनको याद।
इच्छा पूर्ण करें वो पल में गौरी शंकर ऐसे पालनहार।।
महिमा बड़ी निराली हाथ त्रिशूल गले में सांपों की माला काली।
करे संहार दुष्टों का पल में, खोले नेत्र तीसरा जब हो संकट भारी।।
गंगा को समेटे जटाओं में चंद्र को रखे माथे पर अपने।
देख छवि हो जाएं मोहित गौरा अपने प्रिय प्रीतम की।।
आए जब जब सावन का महीना भक्तों का लग जाए मेला।
चले कावड़ियां लेकर कावड़ साथ में भक्ति कि दिव्य अनुभूति।।
हर कहीं है तेरा जलवा धरती अंबर या हो गंगा जल की धारा।
हर हर गंगे हर हर भोले हर कोई तेरी महिमा की बोले वाणी।।
मधु गुप्ता “अपराजिता”