Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
14 Jul 2025 · 1 min read

दिल को नहीं मिला कोई हल l

दिल को नहीं मिला कोई हल l
धकधक कर मचाय कोलाहल ll
हारा इश्क आग में, जल जल l
चालाकी चाल चाल, चल चल ll

इश्क है, बड़ा गहरा दलदल l
धस धस, गहराई बदल बदल ll
हिज्र दिखाता, अपना बल बल l
नम आँखों से, है निकल निकल ll

प्रीत प्यास का, एक सहज हल l
परास्त की, कर कर पहल पहल ll
अरविन्द व्यास “प्यास”

Loading...