दिल को नहीं मिला कोई हल l
दिल को नहीं मिला कोई हल l
धकधक कर मचाय कोलाहल ll
हारा इश्क आग में, जल जल l
चालाकी चाल चाल, चल चल ll
इश्क है, बड़ा गहरा दलदल l
धस धस, गहराई बदल बदल ll
हिज्र दिखाता, अपना बल बल l
नम आँखों से, है निकल निकल ll
प्रीत प्यास का, एक सहज हल l
परास्त की, कर कर पहल पहल ll
अरविन्द व्यास “प्यास”