सादगी भरा जीवन
तेरा काम है जीना ज़िन्दगी अपनी,
तू इसको समझने की कोशिश ना कर।
बुन ले ताने बाने अपने सपनों के,
पर उनसे उलझने की कोशिश ना कर।।
वक्त के साथ ही चलते रहना तू,
पर उसमें सिमटने की कोशिश ना कर।
खुली हवा में साँस लो हाथ फैलाकर,
उसमें घुसने की कोशिश ना कर।।
मन के कुविचारों को दे दे आराम ज़रा,
खुद से लड़ने की कोशिश ना कर।
छोड़ दे कुछ बातें अपने भगवान पर,
सब खुद ही सुलझाने की कोशिश ना कर।।
जो दिया है भगवान ने उसी में खुश रह,
अपने सुकून को मिटाने की कोशिश ना कर।
बस मज़ा ले जीवन के इस सफर का,
मंजिल पर पहुँचने की कोशिश ना कर।।
कहे विजय बिजनौरी मनुष्य जीवन,
बस एक बार ही मिलता है।
उसे सरलता और सादगी से,
जीने का हमेशा प्रयास तू कर।।
विजय कुमार अग्रवाल
विजय बिजनौरी।