समाज का दोगलापन देखिए, इक तरफ कहेंगे बेटियां चांद तक पहुंच ग
समाज का दोगलापन देखिए, इक तरफ कहेंगे बेटियां चांद तक पहुंच गई, दूसरी तरफ बेटियां जरा सा खुद की मर्जी से क्या जीने लग जाएं तो उन्हें जान से मार दिया जाता है !
स्वरचित,
स्त्री शक्ति लेखनी 🙏🙏