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14 Jul 2025 · 1 min read

जय शंकर भोले

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शिव महिमा
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कैलाशी अविनाशी है जो , डम-डम डमरू जिसका बोले ।
गंग विराजे जिसकी लट में , उसका नाम है शंकर भोले ।।
बाबा भोले शंकर भोले !

हाथों में त्रिशूल है जिसके , चरणों में संसार समाया ,
सबसे भोला देव है जग में ,सबका बेड़ा पार लगाया ,
प्रलय करा दे जिसका तांडव, नेत्र तीसरा अपना खोले ।
गंग विराजे जिसकी लट में , उसका नाम है शंकर भोले ।।
बाबा भोले शंकर भोले ! (1)

माथे मुकुट मयंक विराजे , पहने नागों की गलमाला ,
नेत्र तीसरा मस्तक धारे , हँस के पी ले विष का प्याला ,
हिमखण्डों में गौरी के संग , जिसके साथ में नंदी डोले ।
गंग विराजे जिसकी लट में , उसका नाम है शंकर भोले ।।
बाबा भोले शंकर भोले ! (2)

गोद गणेश भरे किलकारी , कार्तिकेय बाँहों में खेले ,
भूतनाथ भूतेश्वर तुझ बिन , लगते ब्रह्मा विष्णु अकेले ,
‘ज्योति’ करे कर जोड़ वंदना ,बाबा तेरी जय-जय बोले ।
गंग विराजे जिसकी लट में , उसका नाम है शंकर भोले ।।
बाबा भोले शंकर भोले ! (3)

राधे…राधे…!
🌹
महेश जैन ‘ज्योति’,
मथुरा ।
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🪷🪷🪷

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