वो लहरा के जुल्फें हवा कर रहे हैं,
वो लहरा के जुल्फें हवा कर रहे हैं,
मोहब्बत में कितनी जफा कर रहे हैं।
कातिल निगाहों से देखा उसने मुझे ऐसे,
जैसे वो वादा अपना वफ़ा कर रहे हैं।।
Phool gufran
वो लहरा के जुल्फें हवा कर रहे हैं,
मोहब्बत में कितनी जफा कर रहे हैं।
कातिल निगाहों से देखा उसने मुझे ऐसे,
जैसे वो वादा अपना वफ़ा कर रहे हैं।।
Phool gufran