*सात जन्म का आलौकिक बस, पाणिग्रहण कहलाता है (मुक्तक)*
सात जन्म का आलौकिक बस, पाणिग्रहण कहलाता है (मुक्तक)
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अपने से भी ज्यादा जिस पर, विश्वास किया जाता है
सारे रिश्तों में एक सिर्फ, पति-पत्नी का नाता है
दुनिया के संबंध सभी हैं, इसी जन्म तक ही सीमित
सात जन्म का आलौकिक बस, पाणिग्रहण कहलाता है
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रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451