परिवेश
परिवेश
जब व्यक्ति अपने परिवेश के प्रति सचेत रहकर
माहौल से दोस्ताना व्यवहार एवं विचार रखता है।
उससे स्वतः नकारात्मकता दमनकारिता
की भावना दूर हो जाता है और व्यक्ति का
आकर्षक चेहरा सामना आता है वे जनप्रिय हो जाते हैं।
परिवेश
जब व्यक्ति अपने परिवेश के प्रति सचेत रहकर
माहौल से दोस्ताना व्यवहार एवं विचार रखता है।
उससे स्वतः नकारात्मकता दमनकारिता
की भावना दूर हो जाता है और व्यक्ति का
आकर्षक चेहरा सामना आता है वे जनप्रिय हो जाते हैं।