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10 Jul 2025 · 1 min read

दो-चार क्लिप अधिक लगाया कर

दो-चार क्लिप अधिक लगाया कर
जुल्फों को संभाल कर जाया कर ,
ये दुनिया बेशर्म हैं ऐ मेरे ‘उलफ़त’
अब ज़रा तूं ही शर्म-हया कर……!

-केशव

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