दो-चार क्लिप अधिक लगाया कर
दो-चार क्लिप अधिक लगाया कर
जुल्फों को संभाल कर जाया कर ,
ये दुनिया बेशर्म हैं ऐ मेरे ‘उलफ़त’
अब ज़रा तूं ही शर्म-हया कर……!
-केशव
दो-चार क्लिप अधिक लगाया कर
जुल्फों को संभाल कर जाया कर ,
ये दुनिया बेशर्म हैं ऐ मेरे ‘उलफ़त’
अब ज़रा तूं ही शर्म-हया कर……!
-केशव