मात पिता गुरु देव ऋण,उऋण भयो न कोय।
मात पिता गुरु देव ऋण,उऋण भयो न कोय।
श्री चरणों के ध्यान से, जीवन में सुख होय।।
जीवन में सुख होय, शांति जीवन में आवै।
पावै परम प्रकाश, जीवन के कलुष नसावै।।
मात पिता गुरु बचन मान, जीवन सफल बनावै।।
मात पिता गुरु देव ऋण,उऋण भयो न कोय।
श्री चरणों के ध्यान से, जीवन में सुख होय।।
जीवन में सुख होय, शांति जीवन में आवै।
पावै परम प्रकाश, जीवन के कलुष नसावै।।
मात पिता गुरु बचन मान, जीवन सफल बनावै।।