संसार के पांच गुरु
प्रथम गुरु माँ कहलाती,
जिसने हमें जन्म दिया।
द्वितीय गुरु धरती माँ है
जिसने पाल पोष कर बड़ा किया।
तृतीय गुरु पिता है,
जिसने ऊँगली पकड़ कर,
पैरो पर हमें खड़ा किया।
चतुर्थ गुरु शिक्षक है,
जिसने हमें ज्ञान दिया।
पंचम गुरु सभी संत है
जिन्होंने सांसारिक ज्ञान दिया।।
गुरु पूर्णिमा के दिन मैंने
सभी गुरुओ को नमन किया।।
आर के रस्तोगी गुरुग्राम