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10 Jul 2025 · 1 min read

इश्क की इबारत

खुदा की इबादत तो हमनें भी बहुत की थी
मोहब्बत की हर इक आयात हमनें भी पढ़ी थी
ताउम्र का साथ मुकम्मल भले ना हुआ हो
मगर इश्क की हर इक इबारत हमनें भी पढ़ी थी
शिव प्रताप लोधी

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