गुरु सिर्फ वो नहीं जो हमें पाठ पढ़ाते हैं,
गुरु सिर्फ वो नहीं जो हमें पाठ पढ़ाते हैं,
बल्कि वो हैं जो हमें जीवन पढ़ना सिखाते हैं।।
माँ की ममता में गुरु का धैर्य है,
पिता की डाँट में गुरु का मार्गदर्शन है,
मित्र की सलाह में गुरु की स्पष्टता है,
और जीवन की हर ठोकर में गुरु की सीख छुपी है।।
गुरु वह है, जो तुम्हें वहां पहुंचाता है,
जहाँ तुम स्वयं को भी नहीं देख पाते।।
जो अज्ञान का पर्दा हटाकर
ज्ञान की रोशनी से आत्मा को प्रकाशित करता है।।
🙏 ऐसे हर रूप में मिले गुरुओं को
गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर कोटि-कोटि नमन।।
गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय,
बलिहारी गुरू आपने गोविन्द दियो बताय।।
गुरु कभी साधारण नहीं होता….
प्रलय और निर्माण उसकी गोद में खेलते है।
🌼 आप सभी को गुरुपूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।🙏🏻🌼