Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
9 Jul 2025 · 1 min read

बाल कविता-

बाल कविता-

आओ धरती का श्रृंगार करें
____________________

आओ धरती का श्रृंगार करें
चलो मिलकर सभी यह काम करें ।

यह बात है बहुत पुरानी सुनो
सुन करके तुम अपने हृदय गुनो ।

मुझसे कहती थीं मेरी नानी
धरा ओढ़े सुन्दर चूनर धानी ।

हरियाली ही इसका है श्रृंगार
पेड़-पौधे इसको दो उपहार ।

हर पौधे में होता है जीवन
खाद पानी उसकी संजीवन ।

पेड़-पौधे हैं तभी हम सब हैं
बात इतनी तो जानते सब हैं ।

चलो समय से सभी सँभल जाओ
सलाह है मेरी पेड़ लगाओ ।

मौलिक सृजन
पूनम दीक्षित
कृष्णा विहार कॉलोनी
ज्वाला नगर रामपुर
उत्तर प्रदेश

Loading...