Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
8 Jul 2025 · 1 min read

मुक्तक

मुक्तक
———-
यदि दिल में उतर करके, हमें वह यूॅं न भरमाते।
तो माखन चोर से फिर वे, क्या चितचोर कहलाते।
विरह की वेदना पीड़ा को, क्या दुनियाॅं समझ पाती।
हमें यूॅं छोड़कर माधव, यदि मथुरा नहीं जाते।।

~ राजकुमार पाल (राज)
(स्वरचित सर्वाधिकार सुरक्षित)

Loading...