Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
7 Jul 2025 · 1 min read

कुछ यादों को ताजा कर ले ।

कुछ यादों को ताजा कर ले ।
आज शरारत सांझा कर लें ।
जीते हैं मरने की ख़ातिर ,
जीने का आज इरादा कर लें ।
…..विवेक दुबे”निश्चल”@…

Loading...