कुछ यादों को ताजा कर ले ।
कुछ यादों को ताजा कर ले ।
आज शरारत सांझा कर लें ।
जीते हैं मरने की ख़ातिर ,
जीने का आज इरादा कर लें ।
…..विवेक दुबे”निश्चल”@…
कुछ यादों को ताजा कर ले ।
आज शरारत सांझा कर लें ।
जीते हैं मरने की ख़ातिर ,
जीने का आज इरादा कर लें ।
…..विवेक दुबे”निश्चल”@…