राही गीत गाता चल,, राही गीत गाता चल।।
राही गीत गाता चल,, राही गीत गाता चल।।
जब आशाएँ साथ छोड़ने लगे,,तब साहस के पैर बढा़ता चल।।
अगर थक गए कदम तुम्हारे,,
तो मन में हौसलो का पर लगाता चल।।
जिसने हर हार को सबक में बदला,,
उसके हिम्मत के हाथ थामें बढ़ता चल।।
राही गीत गाता चल,,राही गीत गाता चल।।
जब धैर्य की साँसे टूटने लगे,,
तब साहस के पैर बढा़ता चल।।
अगर थक गए कदम तुम्हारे,,
तो मन में हौसलो का पर लगाता चल।।
तुम पर हंसेंगे लोग भी,, तुम्हें लगेंगे चोट भी।।
ये अधीर मन तुम्हारा करेगा तुम्हें भयभीत भी,,
कठिनाइयों को किनारा करके, यूँ हि आगे बढ़ता चल,,
राही गीत गाता चल,, राही गीत गाता चल।।
जब आशाएँ साथ छोड़ने लगे,,तब साहस के पैर बढा़ता चल।।