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7 Jul 2025 · 1 min read

ज़माना कुछ इस तरह से अपने रंग को बदलता है कि

ज़माना कुछ इस तरह से अपने रंग को बदलता है कि
नाकामयाब को देखकर हँसता है
और कामयाब को देखकर जलता है।

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