ज़माना कुछ इस तरह से अपने रंग को बदलता है कि
ज़माना कुछ इस तरह से अपने रंग को बदलता है कि
नाकामयाब को देखकर हँसता है
और कामयाब को देखकर जलता है।
ज़माना कुछ इस तरह से अपने रंग को बदलता है कि
नाकामयाब को देखकर हँसता है
और कामयाब को देखकर जलता है।