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9 Aug 2025 · 6 min read

जीत की असली भावना"

Note: yah kahani Puri tarah se kalpanik hai,yah kisi dharm, jaati , vansh, sthaan,
Ghatanaa par aadharit nahi hai.

“जीत की असली भावना”
Vidha: kahani aur laghu katha

मेरा नाम सदाश्विया है। मैं आज बहुत खुश हूँ क्योंकि आज मेरी जिंदगी का ऐसा दिन है जो मैं सोच भी नहीं सकती। दरअसल, मैं सऊदी अरब के सबसे बड़े गायन प्रतियोगिता में जा रही हूँ। आज मुझे बहुत ही उत्साह और उमंग है और दिल में मैं एक जज्बात लेकर जा रही हूँ, जो मेरे सपनों की उड़ानों को हौसला देने के लिए अब तैयार है। मेरे होठों पर मुस्कान बसी है और मैं अपने सफर पर निकल जाती हूँ। धीरे-धीरे यह सफर लंबा होता जा रहा था। इसी दौरान मैं हवाई जहाज से सऊदी अरब पहुँच जाती हूँ। फिर धीरे-धीरे मैं अपने सपनों की ओर आगे बढ़ती चली जाती हूँ।

फिर इसी तरीके से मेरी मुलाकात एक अभिनेत्री से होती है जो कि किसी काम की वजह से आई हुई थी। उनका नाम था darpan panikaa |मैं उनसे मिली और मैंने सोचा ये कहाँ जा रही है। फिर मैंने नमस्कार किया उन्हें तो उन्होंने बस एक हल्की सी मुस्कान दी और नमस्कार किया। फिर हमने चलचित्र थोड़े से खिंचवा लिए। फिर उसके बाद वो अपने काम से चली गई और मैं फिर अपनी प्रतियोगिता के काम में लग गई।

प्रतियोगिता होने वाली थी सऊदी अरब में, तो मैं एक होटल में कमरा बुक करती हूँ जिसका नाम आलीशान पैलेस है। मैं अपनी प्रतियोगिता की तैयारी शुरू कर देती हूँ और कई सारे गानों को गाने की कोशिश करती हूँ। मैं क्लासिकल गाने सुरताल भी देखती हूँ और सारी गानों को अच्छे से सुनती हूँ कि मेरे हिसाब से कौन सा गाना अच्छा रहेगा। फिर मैं सारी चीजों को फिर से बारीकी से देख लेती हूँ और अपनी प्रतियोगिता वाले स्थान पर पहुँचती हूँ।

वहाँ पर मेरे जैसे कई लोग आए हुए थे प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए। मुझे तो बहुत ही डर लग रहा था कि मैं इसमें आगे बढ़ूँगी या नहीं बढ़ूँगी। इसमें कई चरण भी होने वाले थे, इसीलिए मैं डर रही थी। लगभग प्रतियोगिता में तीन चरण होने वाले थे, जिसमें पहले चरण में मैं और कई लोग जो थे उनको टीम बनाकर गाना था।

फिर इसी तरीके से कम से कम हमारा लगभग पंद्रह मिनट बाद दूसरा चरण भी प्रारंभ हो जाता है। इस बार हमें डुअल में गाना था, ऐसी घोषणा होती है प्रतियोगिता स्थल पर। मैं परेशान हो जाती हूँ कि अरे मैंने तो प्रथम चरण में ही गड़बड़ी कर दी, अब क्या होगा? दूसरे चरण में रैप सॉन्ग गाना है, ऐसा प्रतियोगिता स्थल पर घोषणा हुई थी।

यह सुनकर मैं कई लोगों से बात करती हूँ कि दूसरे चरण में मेरे साथ कौन गाएगा। इसी बीच एक्ट्रेस अभिनेत्री darpan panikaa भी वहीं मौजूद रहती है। उन्हें भी अपने जैसा रैप सॉन्ग गाना गाने के लिए चाहिए था। ऐसा मैंने उन्हें दूसरे लोगों से बोलते हुए सुना था। फिर वो कई लोगों से बात करती है लेकिन उनकी बात नहीं बनती है क्योंकि प्रथम चरण में ही क्लासिकल हो चुका था। अब रैप सॉन्ग के लिए उन्हें कोई चाहिए था। मुझे भी कोई नहीं मिल रहा था तो मैं भी उनसे बात करने चली जाती हूँ। फिर वो मान जाती है एक ही बार में। फिर इस तरह से हम दोनों प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हैं। रैप सॉन्ग अच्छा में करते हैं हम दोनों।,
हमारी टोली और अन्य लोगों की टोली वहाँ रहती है, लेकिन मेरी और darpan panikaa जी की टोली देखने लायक था। हम दोनों एक ही टोली में थे और हम दोनों एक-दूसरे का ताकत एवं सहारा बनते हैं। जो अन्य बाकी टोली के लोग नहीं बन पाते हैं। इसी कारण वश हम दोनों की जोड़ी प्रथम स्थान पर दूसरे चरण में रहती है। इसी वजह से हम दोनों एक दूसरे के लिए खुश थे।

प्रथम चरण और द्वितीय चरण हो चुका था। अब बारी थी तृतीय चरण की जो कि प्रतियोगिता का अंतिम चरण होने वाला था। इस प्रतियोगिता के लिए मेरा और darpan panikaa जी का भी चुनाव हुआ था। लेकिन मैं परेशान थी क्योंकि मैं प्रथम चरण में डगमगा गई थी और गड़बड़ी हो गई थी।
और दूसरे चरण में मैं जो भी प्रथमआई हूँ वह darpan panikaa जी की बदौलत ही आई हूँ। मेरे मन में यही सारी बातें चल रही थी और उधर
darpan panikaa जी भी अपना प्रयास एकदम अच्छे से कर रही थी। लेकिन मुझे डर लग रहा था कि मैं कैसे जीतूंगी और कैसे नहीं। तो
darpan panikaa जी मुझे हौसला देती है कि हम दोनों पहले टोली में गए थे लेकिन अब एक दूसरे के विरुद्ध गाएंगे। यह एक केवल प्रतियोगिता है इसीलिए ज्यादा परेशान ना हो तुम।

इसी तरीके से अब हम लोगों में एक अच्छी बातचीत हुई। फिर हम लोग थोड़ा सा खाना खाए और बहुत सारी इधर उधर की बातें भी हुई। फिर उसके बाद हम लोग काफी ही परेशान थे लेकिन फिर वो परेशानी ही सुलझ गयी क्योंकि थोड़ी बहुत मुझे दिकत हो रही थी आगे की चरण की तैयारी करने में और
darpan panikaa जी को भी। तो फिर हम दोनों ने एक दूसरे का हौसला बढ़ाया। फिर इस तरह से यह परेशानी भी सुलझ गयी।

फिर थोड़े देर बाद फिर से प्रतियोगिता स्थल पर हम पहुँचे और इस बार मैं और darpan panikaa जी एक दूसरे के विरुद्ध गायन संगीत करने वाले थे। और भी कई लोग थे जो कि प्रथम और द्वितीय चरण से आगे निकलकर तृतीय चरण में आए थे। वह लोग भी अकेले अकेले गायन संगीत करने वाले थे जिसके वजह से प्रतियोगिता काफी ही रोचक हो गयी थी।

“फिर इसी तरीके से सबसे पहले darpan panikaa जी का प्रदर्शन होता है। फिर उसके बाद कई अन्य लोगों का प्रदर्शन होता है और फिर इसके बाद अंतिम में मेरा प्रदर्शन होता है। मैं डरते हुए धीरे-धीरे गाती हूँ लेकिन मैं उस डर को छुपा लेती हूँ।”

फिर मेरी प्रतियोगिता अच्छे से हो जाती है। लेकिन वहाँ के प्रतियोगिता के विजेता का विजेता का चयन करने वाले लोग थे उन्हें यह बात पता नहीं चल पाई थी कि मैं डर-डर के गा रही हूँ। क्योंकि मैंने अपने चेहरे के भावों को छुपाकर अपने हृदय के अंतर्मन में दबाकर रखा था। जिस वजह से उन्हें इस बात का पता तो क्या भनक तक भी नहीं हो पाती है
क्योंकि मैं चेहरे पर मुस्कान लेकर गाती हूँ। और अच्छे से प्रतिभाग करती हूँ।

अब बारी थी परिणाम घोषित होने की और परिणाम घोषित होने में लग रहा था कि मुझे
darpan panikaa जी जीत जाएंगी। लेकिन बाज़ी कुछ उलटी हो गयी मैं जीत गयी थी। मेरा विजेता में नाम सदाश्विया घोषित हुआ था,
और darpan panikaa जी उपविजेता बनीं। लेकिन darpan panikaa जी प्रतियोगिता स्थल पर देर से पहुंची।
मुझे इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा था तो मैं बहुत ही खुश हुई थी। लेकिन darpan panikaa जी का जब नाम विजेता में घोषित नहीं हुआ तो मुझे लगा कि उन्हें यह बात बुरी लग गयी होगी, लेकिन फिर बाद में पता चला कि उन्हें कुछ काम आ गया था।
जिसके कारण वह परिणाम घोषित होने के बाद पहुँचीं।
प्रतियोगिता के अंत में पुरस्कार वितरण समारोह हुआ जिसमें
जिसमें मुझे स्वर्ण ट्रॉफी मिली और
darpan panikaa जी को रजत ट्रॉफी मिली। यह मेरे लिए एक यादगार पल बन गया और यह मेरी जिंदगी का सबसे पहला पुरस्कार था।
वैसे मैं यह प्रतियोगिता उन्हीं के बदौलत जीती हूँ और फिर उन्होंने भी बोला कि मुझे पता था कि सदाश्विया तुम कर सकती हो। फिर उन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया और मेरे साथ चलचित्र आदि खिंचवाए। इसके लिए मैं बहुत ही आभारी हुई उनकी और उन्होंने बोला कि प्रतियोगिता में हार जीत से कुछ नहीं होता है, हमें एक दूसरे का हौसला और सहारा बनना चाहिए और हमें एक दूसरे से जलन की भावना नहीं रखनी चाहिए, एक दूसरे का साथ देना चाहिए, यही प्रतियोगिता का एक मात्र नियम होता है।

फिर इसके बाद हमारी दोस्ती हो चुकी थी गहरी। तो darpan panikaa मेरे घर aati hai
वो धुरमुष और पुट्टी और घर पेंट करने के लिए लोहे की घोड़ी लाती है।

कहानी का उद्देश्य:

कहानी का उद्देश्य यह है कि हमें छोटे बड़े की हैसियत नहीं देखनी चाहिए और हमें अपनी कोशिशों में प्रयासरत रहना चाहिए चाहे कितनी भी मुश्किल या दुविधा हो संघर्ष पथ पर हमेशा रहना चाहिए और जो हमारा प्रतिद्वंदी हो या प्रतियोगी हो उसका काम और उसका सम्मान हमें करना चाहिए और उसके हिम्मत को बुलंद करने में हमें सहायता प्रदान करना चाहिए जैसे कि इस कहानी में दर्शाया गया है सदाश्विया और अभिनेत्री darpan panikaa के बीच की सहयोग और प्रतिस्पर्धा की भावना को विस्तारित रूप में दिखाने का प्रयास किया गया है।

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