तीर नज़रों का खंजर सा दिल में उतर जाता है,
तीर नज़रों का खंजर सा दिल में उतर जाता है,
इश्क़ की चोट से पत्थर भी पिघल जाता है।
Phool gufran
तीर नज़रों का खंजर सा दिल में उतर जाता है,
इश्क़ की चोट से पत्थर भी पिघल जाता है।
Phool gufran