Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
5 Jul 2025 · 1 min read

दर्द को ही अगर हम दवा मान ले

बहर 212 212 212 212

जिंदगी की यही फ़लस़फा मान ले
दर्द को ही अगर हम दवा मान ले।

कम हो जाएगा गम तेरा धीरे से यूं
गर इसे तू खुदा की रज़ा मान ले।

हम परेशान है इसका मतलब नहीं
खौंफ से तेरा कुछ भी कहा मान ले।

हमने वर्षों गुज़ारा है अफसोस में
अपने कर्मों की ये ही सजा मान लें

गम में भी मुस्कुरा लेता है कैसे तू
ये तिरा बेबसी या अदा मान लें।

Loading...