शूल संग में फूल रह, देता सदा सुवास।
शूल संग में फूल रह, देता सदा सुवास।
सीखें उससे हम सदा, वाणी भरें मिठास।।
बसने का है मंत्र यह, जो सिखलाता फूल।
दूजे से हम जब मिलें, जाते हैं यह भूल।।
:- राम किशोर पाठक
शूल संग में फूल रह, देता सदा सुवास।
सीखें उससे हम सदा, वाणी भरें मिठास।।
बसने का है मंत्र यह, जो सिखलाता फूल।
दूजे से हम जब मिलें, जाते हैं यह भूल।।
:- राम किशोर पाठक