सकारात्मक सोच रखता हूँ मैं ll
सकारात्मक सोच रखता हूँ मैं ll
उम्मीदों का बोझ रखता हूँ मैं ll
लड़खड़ाते कदय मत देखिए,
जोश में भी होश रखता हूँ मैं ll
बहुत दुर्गम और दुर्लभ दिख रही हैं,
फिर भी मंजिलें खोज सकता हूँ मैं ll
दुःखों पर निकलने वाले अश्कों को,
खुशी के लम्हों तक रोक सकता हूँ मैं ll
मोह रूपी गिरोह के ऊहापोह को आज
पूरे होशोहवास में जमींदोज करता हूँ मैं ll
मृत्यु सी दुल्हन कब हादसों के मंडप पर मिल जाए,
इसीलिए किसी दूल्हे के जैसे अब रोज सजता हूँ मैं ll
आखिरी अंतरा जरूर नकारात्मक लगेगा,
सच को सच बोलने का शौक रखता हूं मैं ll