पिता ही सफलता की "कुंजी" हैं ।
पिता हौसला हैं, पिता उड़ान हैं, पिता बच्चों के सपनों का बड़ा सा आसमान हैं, पिता हैं तो सारें सपने हैं, पिता हैं तो सब अपने हैं,. पिता पहचान हैं, पिता शान हैं, पिता ‘ख्वाहिशों’ को पूरा करने की दुकान है, पिता पालन हैं पिता पोषण हैं, पिता से ही परिवार में अनुशासन है, पिता हैं तो हिम्मत हैं, पिता से ही आपकी कीमत हैं, पिता हैं तो घर ‘घर’ हैं, पिता हैं तो ना कोई डर हैं, पिता लाड हैं पिता प्यार हैं पिता से ही बच्चों का संसार हैं, पिता उम्मीद हैं, पिता आस हैं, पिता से ही परिवार में शांति और विश्वास है, पिता आकार हैं, पिता संस्कार हैं पिता हैं तो सारें सपने साकार हैं.. पिता जीवन की अनमोल “पूँजी” है,
पिता ही सफलता की “कुंजी” हैं ।.