जब मन से कुछ भी खोने का डर निकल जाए तो इंसान चट्टान से भी टक
जब मन से कुछ भी खोने का डर निकल जाए तो इंसान चट्टान से भी टकरा सकता है !
स्वरचित,
रजनी उपाध्याय
जब मन से कुछ भी खोने का डर निकल जाए तो इंसान चट्टान से भी टकरा सकता है !
स्वरचित,
रजनी उपाध्याय