लूट
मची है लूट दौलत की दान का खजाना है
बनाई धरती की पूंजी अध्यात्म बहाना है
कहें किससे ये किस्से जिनमें दर्द है भारी
समेटे दौलत खड़े तैयार विदेश जाना है
मची है लूट दौलत की दान का खजाना है
बनाई धरती की पूंजी अध्यात्म बहाना है
कहें किससे ये किस्से जिनमें दर्द है भारी
समेटे दौलत खड़े तैयार विदेश जाना है