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3 Jul 2025 · 1 min read

फलाने का करबा

घूम जाई मूसर चान फलाने का करबा ।।
परसों ह भतवान फलाने का करबा ।

पाँव पुजाई ससुरारी जब जाबा तू ।
अंगूठी या सिकड़ी पे खिचड़ी खाबा तू ।
सढ़ूआईन खूंखार फलाने का करबा,
परसों ह भतवान फलाने का करबा ।

माड़ो में चुपचाप फलाने जाया तू ।
जवन मिली बिन नाटक कइले खाया तू ।
ना त सरहज खींची कान फलाने का करबा
परसों ह भतवान फलाने का करबा ।

गिफट उफट के चक्कर में जिन पड़ीहा तू ।
भईंस मिले चाहे गदहा पड़िया रखिहा तू ।
अगुआ हव बेईमान फलाने का करबा,
परसों ह भतवान फलाने का करबा ।

ना मुँह बनाया जूता के चोरवाई में ।
महंगा पड़ जाई भाय बिहान विदाई में ।
साली हव रंगदार फलाने का करबा,
परसों ह भतवान फलाने का करबा ।

~ धीरेन्द्र पांचाल

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