वो शहराओं की हर अदा ढूंढ लाएं हैं,
वो शहराओं की हर अदा ढूंढ लाएं हैं,
वो मोहब्बत की हर फज़ा ढूंढ लाएं हैं।
यूं कातिल निगाहों से बिजली गिराती,
जैसे समंदर से शायद वफ़ा ढूंढ लाएं हैं।।
Phool gufran
वो शहराओं की हर अदा ढूंढ लाएं हैं,
वो मोहब्बत की हर फज़ा ढूंढ लाएं हैं।
यूं कातिल निगाहों से बिजली गिराती,
जैसे समंदर से शायद वफ़ा ढूंढ लाएं हैं।।
Phool gufran