Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
2 Jul 2025 · 1 min read

मां की ममता को भी अखबार समझते होगे,

मां की ममता को भी अखबार समझते होगे,
मां के हंसने को भी अब बेकार समझते होगे।
नौ माह जिसने सीकम मैं रखा था जिन्हे,।
मां का होना भी अब अपराध समझते होगे।।
Phool gufran

Loading...