मैं तेरा सूर्य हूँ;
मैं तेरा सूर्य हूँ;
कोई वक्त नहीं जो बदल जाऊं।
मैं वो सूर्य हूँ जो हर रोज लोट आता हूँ अपनी चमक के साथ;
बन चुका हूँ तलबगार तेरे दिल का ,
मत पूछ कि हाल क्या है?
जितना सोचोगे मेरे बारे में,
उतना ही बढ़ता ही जाऊं ।
मुझे आम न कर तू अपनी महफिल में;
मैं राज बनकर तेरे दिल में दफन हो जाऊं।
अकेला न समझ तू खुद को इस जहां में ;
मैं तेरा सूर्य हूँ ;
कोई बादल नहीं जो बरस कर लौट जाऊं।
✍️ – अंगरक्षक सूरज
२२/०३/२०२४