Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
1 Jul 2025 · 1 min read

शीर्षक ‌- होली

शीर्षक ‌- होली
आई रे फ़िर आई होली – शीर्षक

लो भई फ़िर , आई ये होली !
झूम उठी, बच्चों की टोली ।
रंग बिरंगे ,लिए गुलाल ।
बच्चों के मुख ,हुए फ़िर लाल ।
अब तो मस्ती ,खूब जमेगी ।
धमाचौकड़ी ,खूब मचेगी ।
रंगों का है ,ये त्यौहार ।
भर देता हर , दिल में प्यार ।
उड़ेगा अब, खूब गुलाल ।
रहेगा ना अब, कोई मलाल ।
होगा आज, होलिका दहन ।
जल जायेंगे ,सब दुष्कर्म ।
आओ इस कुण्ड में,
सब भस्म करें बुराई ।
अपना लें अब ,
हम अच्छाई ।

तभी मनेगा , सच्चा उत्सव ।
होगा आनंदमय , सारा जग ।
आई रे फ़िर, आई होली ।
बरसाने गोकुल, की होली ।
राधा रानी, नंदलाल की होली ।

Loading...