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30 Jun 2025 · 1 min read

लफ़्ज़ ढूंढो ,अजी बिखर जाओ

ताज़ा ग़ज़ल 🌹

लफ़्ज़ ढूंढो ,अजी बिखर जाओ ,
शायरी में भी , नाम कर जाओ।1/

मुस्कुराहट , इनाम है रब का ,
बांटते- बांटते , गुज़र जाओ ।2/

चाहतों के यहाँ , लगे डेरे ,
मिस्ल महबूब, तुम उभर जाओ ।3/

दस्तगीरी की , बात क्यों होती ,
इससे अच्छा निज़ाम , कर जाओ ।4/

गाँव में दिल , उदास रहता है ,
रोकता कौन , फिर शहर जाओ ।5/

माँ के दामन में , खेलने वालों ,
अब बड़े हो गए , सुधर जाओ ।6/

प्यार से , इक सलाम दे देना ,
“नील” के घर को, गर अगर जाओ ।7/

✍️नील रूहानी 💖 30/6/2025…..

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