लफ़्ज़ ढूंढो ,अजी बिखर जाओ
ताज़ा ग़ज़ल 🌹
लफ़्ज़ ढूंढो ,अजी बिखर जाओ ,
शायरी में भी , नाम कर जाओ।1/
मुस्कुराहट , इनाम है रब का ,
बांटते- बांटते , गुज़र जाओ ।2/
चाहतों के यहाँ , लगे डेरे ,
मिस्ल महबूब, तुम उभर जाओ ।3/
दस्तगीरी की , बात क्यों होती ,
इससे अच्छा निज़ाम , कर जाओ ।4/
गाँव में दिल , उदास रहता है ,
रोकता कौन , फिर शहर जाओ ।5/
माँ के दामन में , खेलने वालों ,
अब बड़े हो गए , सुधर जाओ ।6/
प्यार से , इक सलाम दे देना ,
“नील” के घर को, गर अगर जाओ ।7/
✍️नील रूहानी 💖 30/6/2025…..