आजादी और प्रधानमंत्री
आजादी और प्रधानमंत्री
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दोहा
भारत के पी एम जो, आजादी के बाद।
सबसे जनता को मिला, तरह-तरह का स्वाद।
सोरठा
चीन पाक का युद्ध,नेहरू नंदा शास्त्री।
इंदिरा गांधी शुद्ध, बहुमत से पद पा गईं।
रोला
फिर जे पी की हवा,क्रांति का बहुमत लाई।
दिया छोड़ जनसंघ, नया दल लिया बनाई।
जनता पार्टी नाम,बजा परिवर्तन बाजा।
ढाई साल तक रहे,खास देसाई राजा।
कुण्डलिया
अपनी अपनी नीति की, खींचातानी यार।
फूट पार्टी में पड़ी, टूट गई सरकार।
टूट गई सरकार, त्याग संयम दिखलाया।
राष्ट भक्त जनसंघ,कमल ले बाहर आया।
चरण सिंह राजीव, बने जनमाला जपनी।
विश्वनाथ प्रताप, साल भर चली न अपनी।
छप्पय
चंद दिनों तक रहे, चंद्र शेखर इस पद पर।
पीछे नरसिंह राव, लिया अपना कब्जा कर ।
सोच सोच में हुआ तभी, परिवर्तन भारी।
देश पटल पर हुए सुशोभित अटल बिहारी।
ध्येय निष्ठ दल निष्ठ थे, वक्ता ए वन कवि ह्रदय।
आजीवन क्वारे रहे,बोल देश की सदा जय।
राजनीति का गणित, लगाया लंबा चौड़ा।
फिर पद पाये चतुर,हरधनी देवेगौड़ा।
सधा नहीं सुर ताल, तभी गुजराल पधारे।
होकर इंद्र कुमार,लगन से कार्य सॅंवारे।
फिर मनमोहन बने हैं, कृपा सोनिया पाय के।
मौन रहे दस साल तक,अपना फर्ज निभाय के।
ताटंक
चौदह रत्न हुए सब मिलकर, सबने खेली पारी है।
मोदी जी का काम सभी पर, हमको लगता भारी है।
धीर वीर निर्भीक सनातन, धर्म सदा अपनाये हैं।
कुटिल तीन सौ सत्तर धारा , घाटी से हटवाये हैं।
दिखला दिया कमाल करिश्मा, अपने बल के बंबू से।
मंदिर के अंदर पहुॅंचाया,राम लला को तंबू से।
भेदभाव से परे प्रेम के,मन में भाव सॅंजोए हैं।
चरण दलित लोगों के खुद ने, केवट के सम धोये हैं।
पाक चीन को सबक शक्ति के, साथ सिखाये मोदी जी।
विश्व पटल पर नाम देश का, ललित लिखाये मोदी जी।
राजनीति नभ मानों लगते, अविचल तारे मोदी जी।
सबका साथ विकास दीन की,आस सहारे मोदी जी।
वादे नित प्रति करें पुराने, कभी न भूलें मोदी जी।
मात भारती गोद मोद का, झूला झूलें मोदी जी।
बहे हृदय में देश प्रेम की अविरल धारा मोदी जी।
पंद्रह लाख प्रणाम आपको, रोज हमारा मोदी जी।
गुरु सक्सेना
मार्च 2025