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29 Jun 2025 · 1 min read

दर्द ए दिल

दर्द ए दिल ये हमारे , तुम्हारे।
टूटे दिल के ये अरमां बेचारे।

इश्क़ अपना पाकीज़ा हैं माना,
उस पे है दिल के अरमां कुंवारे।

बेचैनियां मिली है तोहफों में हमें
हर इल्ज़ाम सर पे हैं हमारे।

ये मशविरा देना किसी और को
हर धड़कन नाम उसका पुकारे।

इतनी बेतकल्लुफी रखो न गैर से
हम भी जाना अहबाब हैं तुम्हारे।
सुरिंदर कौर

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