वक्त का पाशा जब पलटता है तो अच्छों - अच्छों को बदल कर रख देत
वक्त का पाशा जब पलटता है तो अच्छों – अच्छों को बदल कर रख देता है, इसलिए अपने अच्छे वक्त पर कभी घमंड मत करना !
स्वरचित,
रजनी उपाध्याय
हैदराबाद, तेलांगना
वक्त का पाशा जब पलटता है तो अच्छों – अच्छों को बदल कर रख देता है, इसलिए अपने अच्छे वक्त पर कभी घमंड मत करना !
स्वरचित,
रजनी उपाध्याय
हैदराबाद, तेलांगना