****मूव ऑन कितना जरूरी है****
जब अपने ही गिराने में लगे हों तो मूव ऑन कितना जरूरी है !
जब सांप की तरह डसने लगें हों करीबी रिश्तें तो मूव ऑन कितना जरूरी है !
जब नए रिश्ते आपके पुरानी जड़ों को कुरेदने लगे हों तो मूव ऑन कितना जरूरी है !
जब बात आपकी सुरक्षा पर आ जाए तो मूव ऑन कितना जरूरी है !!
जब बात आपके आत्मसम्मान की आ जाए तो मूव ऑन कितना जरूरी है!
जब बात आपके परिवार की इज्जत और आत्मिक रिश्तों की आ जाए तो मूव ऑन कितना जरूरी है !!
स्वरचित,
रजनी उपाध्याय