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6 Jul 2025 · 1 min read

मुझे सिर्फ़ तू चाहिए

मुझे सिर्फ़ तू चाहिए…

ना बड़े वादों के लिए,
ना हसीन ख़्वाबों के लिए
बस उन लम्हों के लिए,
जहाँ मैं अपनी सारी थकान छोड़कर
तेरी नज़रों में खुद को पा सकूं।

मुझे सिर्फ़ तू चाहिए…

जैसे साँसों को हवा चाहिए,
जैसे रूह को दुआ चाहिए।
ना वजहों से, ना शर्तों से,
बस तेरे होने से।

मुझे सिर्फ़ तू चाहिए

नाराज़ होने के लिए
झगड़ा करने के लिए
तेरा सर सीने पर रख कर सुलाने के लिये
परेशानियों में साथ देने के लिए
हाथो में हाथ डाल कर चलने के लिए
और बहुत ज़्यादा प्यार करने के लिए

मुझे सिर्फ़ तू चाहिए

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