सब कुछ मिलेगा प्यार में
खुश रहो खुश रखना सीखो,
दुख में भी कुछ हंसना सीखो।
मेल-भाव से मिलकर खाओ,
दिल की बात भी फरमाओ।
प्यार से दुख दर्द होते दूर,
प्यार करता है मजबूर।
ईर्ष्या जलन को रखना दूर,
प्यार से बोलो तुम भरपूर।
कुछ नहीं मिले तकरार में,
सब कुछ मिलेगा प्यार में।।१।।
प्यार घावों को भर देता,
बीच की दूरी कम कर देता।
प्यार से जीना भी तुम सीखो,
प्यार से अपनाना तुम सीखो।
प्यार से ही मिलेगा प्यार,
प्यार से जीतोगे संसार।
प्यार भरोसा प्यार विश्वास,
प्यार ही है जीवन की आस।
प्यार से ही मान मिले प्यार रख व्यवहार में,
सब कुछ मिलेगा प्यार में।।२।।
इतिहास की परतें खोलो,
प्यार में जी लो प्यार से बोलो।
प्यार से कितने युद्ध रुके हैं,
प्यार से कितने लोग झुके हैं।
प्यार से ही फरियाद हुई है,
प्यार से जनता आबाद हुई है।
प्यार जीवन में रंग भर देता,
खुशियों की बारिश कर देता।
इंतजार करके देखो मजे बहुत इंतजार में,
सब कुछ मिलेगा प्यार में।।३।।
प्यार से गैरों को अपना लो,
प्यार से ही सबको समझ लो।
प्यार दया का दूसरा नाम,
प्यार से बनते बिगड़े काम।
अपनी बात प्यार से रखना,
प्यार से ही परोपकार करना।
प्यार दिलों को करता साफ,
प्यार से कर दो गलती माफ।
प्यार रखो संकल्प और आधार में,
सब कुछ मिलेगा प्यार में।।४।।
प्यार की ताकत को पहचानो,
प्यार की कीमत भी तुम जानो।
प्यार दया है और दवा है,
प्यार के बिना कौन रहा है।
दुश्मन भी आगे झुक जाता,
यदि प्यार से उसको आंका जाता।
अपनों पर भी प्यार दिखाओ,
प्यार से उनको गले लगाओ।
मानवता रहेगी जिन्दा दुष्यन्त कुमार के सार में,
सब कुछ मिलेगा प्यार में।।५।।