किसी के जीवन में कोई पुनरावृत्ति नहीं होती...
किसी के जीवन में कोई पुनरावृत्ति नहीं होती…
एक बार जो घटित हुआ उसे दोबारा पीछे नहीं किया जा सकता…
जीवन स्थिर नहीं है, ये आगे बढ़ता ही जा रहा है और इसका प्रत्येक पल, प्रत्येक मोड़ हमे जीने का नया अनुभव दे रहा है…
हमे नहीं मालूम कि अगले पल क्या होगा क्योंकि यही कटु सत्य है…
जीने के पल को खो देने का अर्थ है कि उसे हमने सदा के लिए खो दिया है, फिर से वो पल लौट कर नहीं आयेगा, हम उसे अतीत में नहीं कर सकते हैं…..
कोई वापसी नहीं है और कोई पुनरावृत्ति नहीं है…
इसलिए जीवन हमारे लिए जो भी कुछ नये आश्चर्य भरे दिन ले कर आ रहा है, उसके साथ बहते रहना सीखना होगा….
जैसे ही हम रुक जायेंगे, हम जीवन के नये और खूबसूरत पल को जीने के अवसर को खो देंगे…
सुनील पुष्करणा