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26 May 2025 · 1 min read

ड्रैगनफ्लाई (फुरफुन्दी)

रिमझिम बारिश के बीच
उड़ती है ड्रैगनफ्लाई,
माणिक जैसी आँखें इसकी
देखो पूँछ की लम्बाई।

ब्याध पतंग, टट्टू भी कहलाता
छत्तीसगढ़ी में फुरफुन्दी,
अपने मजबूत पंखों के सहारे
वह ऊपर तक उड़ लेती।

गति शक्ति आजादी का प्रतीक
मानते इसे मेरे भाई,
उड़ते देखकर खुश होते हम
वह यादों में समाई।

चुपके से पंखों को पकड़कर
खिलौना सा खेलते,
जब उसको उड़ा देते हम तो
आसमान तले उड़ते।

रोते बच्चे भी चुप हो जाते
ड्रैगन मक्खी देख,
लगता जैसे कोई मित्र हमारी
इन्द्रधनुष सम रेख।

डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति
( साहित्य वाचस्पति )
भारत भूषण सम्मान प्राप्त
हरफनमौला साहित्य लेखक।

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