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26 May 2025 · 1 min read

काम दबाये चित्त में, करते हरदम ध्यान।

काम दबाये चित्त में, करते हरदम ध्यान।
समाधिस्थ यह है नहीं, समझों हे विद्वान।।
हो अभाव जो पूर्ण तो, प्रवृत्त स्वत: समाधि।
चिंता करते क्यों मरे, चिंतन में रख व्याधि।।
संजय निराला

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