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26 May 2025 · 1 min read

राम- रमा हनुमान सदा अभिनंदन जी।

राम- रमा हनुमान सदा अभिनंदन जी।
आन बसो मम धाम करूं नित चंदन जी।
आप हरो उर शोक सभी रघुनंदन जी।
कष्ट कटे हर हाल सुनो दुखभंजन जी।।

✍️ संजीव शुक्ल ‘सचिन’

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